फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
(1911 - 1984)
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का कविता
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़   का जन्म सियालकोट, पाकिस्तान में हुआ था ।
वे उर्दू के बहुत ही जाने माने कवि थे । आधुनिक उर्दू शायरी को एक नई ऊँचाई दी । इसी
समय उर्दू के काव्यगगन में साहीर, ईकबाल, कैफ़ि,   
फ़िराक़   के जैसे और भी
सितारे चमक रहे थे । वे अंग्रेजी तथा अरबी में MA करने के बाद भी कबितायें उर्दू में ही
लिखते थे ।
1942 से लेकर 1947 तक वे सेना मे थे । लियाकत अली खाँ की सरकार के तख्तापलट की
साजिश रचने के जुर्म में वे १९५१‍ - १९५५ तक कैद में रहे । इसी दौरान लिखी गई कविताएँ
बाद में बहुत लोकप्रिय हुईं और "दस्ते सबा" तथा "जिंदानामा" नाम से प्रकाशित किया गया ।
बाद में वे 1962 तक लाहोर में पाकिस्तान आर्टस काउनसिल मे रहे । 1963 में उनको
सोभियत रशिया से लेनिन शांति पुरस्कार प्रदान किया गया । भारत के साथ 1965 के युद्ध
के समये वे सूचना मंत्रक मे काम किये । 1984 में, उनके देहांत के पहले, नोबेल पुरस्कार के
लिये उनका नाम सामने आया था, लेकिनयासेर अराफत के करीबी होने के कारण मिल न
सका ।

हमारा कौशिश यह है कि उनके कविताओं में से कुछ, देवनागरी मे यहाँ उपस्थित कर सकें ।
अगर ग़लती हो तो हम क्षमा चाहते हैं और इस विषय पर आप का टिप्पणी, जो हमारे लिये
बहुत ही मूल्यवान होगा, इस पते पर भेजिये -

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फ़ैज़ साहब का औपचारिक वेब-साइट
www.faiz.com