महाकवि सूरदास
(1498 - 1563)
सूरदास  हिंदी के वैष्णव कवियों मे शिरोमणि माने जाते हैं। इनका जन्म
सन् 1498 को मथुरा-आगरा मार्ग पर स्थित रुनकता गाँव में हुआ था।
वे वल्लभाचार्य के शिष्य थे। इनके संपर्क में आकर ये कृष्ण-लीला का गान
करने लगे। इनकी भाषा ब्रज है।

कहा जाता है कि इन्होंने सवा लाख पदों की रचना की, परन्तु अभी केवल
दस हजार ही उपलब्ध हो सके हैं।

गोवर्धन के निकट पारसौली गाँव में सन् 1563 में इनकी मृत्यु हुई।
महाकवि सूरदास के पद
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