कान्हां संग खेले होली आज ब्रिजपुर गीतकार - कवि ऋतुपर्णो घोष संगीतकार - देबज्य़ोति मिश्रा, कलाकार - कैलाश खेर, फिल्म का निर्देशक - संजय नाग। कवि इस फिलम के गीतकार तथा पटकथा लेखक भी थे। 2010 में रिलीज हुई अंग्रेजी फिल्म "मेमोरीज इन मार्च" के गीत। इस गीत के कथा हमें मिली यहां से . . . https://www.hindigeetmala.net/song/kanha_sang.htm यह गीत युटिउब में देखने के लिये . . . https://www.youtube.com/watch?v=6XhRY_RswhU
कान्हां संग खेले होली आज ब्रिजपुर श्याम संग खेले होली सारे ब्रिजपुर एक्का कुल मुखरित निपवन पुलकित वसंत समीरा ना बहे आज ब्रिजपुर श्याम संग खेले होली आज ब्रिजपुर
आबीर गुलाल सारी शाम मारे पिचकारी रंग भींगी ब्रिजवाला बिलोल विधूर कान्हाँ संग खेले होली आज ब्रिजपुर कान्हां संग खेले होली कान्हां संग खेले होली
अबीर गुलाल सारी शाम मारे पिचकाड़ी रंग भींगी ब्रिजवाला बिलोल विधूर एक्का कुल मुखरित निपवन पुलकित वसंत समीरा ना बहे आज ब्रिजपुर
एक्का कुल मुखरित निपवन फुलकित वसंत समीरा ना बहे आज ब्रिजपुर श्याम संग खेले होली आज ब्रिजपुर श्याम संग खेले होली आज ब्रिजपुर खेले होली खेले होली
सुबह-सुबह मथुरा नगरपति काहे तुम गोकुल जाओ गीतकार - कवि ऋतुपर्णो घोष संगीतकार - देबज्य़ोति मिश्रा, कलाकार - शुभा मुदगल। 2004 में रिलीज हुई हिन्दी फिल्म "रेनकोट" के गीत। इस गीत के कथा हमें मिली यहां से . . . https://www.hindigeetmala.net/song/subah_subah_mathuraa_nagarapati_kaahe.htm यह गीत युटिउब में देखने के लिये . . . https://www.youtube.com/watch? v=ekkjStRmWoE&list=PLuSLl4LIKbVoom_xd3ve8ePJmunPwPyUZ&index=49&app=desktop
सुबह-सुबह, सुबह-सुबह सुबह-सुबह का ख्याल आज सुबह-सुबह का ख्याल आज वापस गोकुल चले मथुरा राज मथुरा नगरपति काहे तुम गोकुल जाओ मनोहर वेश छोड़ नंदराज सर से उतार के सुंदर ताज राज दंड छोड़ भूमि पर वाज फिर काहे बाँसुरी बजाओ मथुरा नगरपति काहे तुम गोकुल जाओ मथुरा नगरपति काहे तुम गोकुल जाओ
कौन सा अनोखा गीत गाहे पिक कूल राजपाट जैसे आज भयी धूल कौन सा अनोखा गीत गाहे पिक कूल बिरहन लागी फिर हृदय भूल राज-काज मन ना लगाओ राज-काज मन ना लगाओ मधुरा नगरपति काहे तुम गोकुल जाओ
पुर नारी सारी व्याकुल नयन कुसुम सज्जा लगे कंटक शयन पुर नारी सारी व्याकुल नयन रात भर माधव जागत बेचैन काहे आधी रात सारथी बुलाओ मथुरा नगरपति काहे तुम गोकुल जाओ मथुरा नगरपति काहे तुम गोकुल जाओ
धीरे-धीरे पहुँचत जमुना के तीर सुनसान पनघट मृदुल समीर धीरे-धीरे पहुँचत जमुना के तीर खन-खन माधव बिरह मदिर उसे काहे भूल ना पाओ मथुरा नगरपति काहे तुम गोकूल जाओ मथुरा नगरपति काहे तुम गोकूल जाओ
तुम्हरी पिरिया अब पूरी घरवाली दुध नवन घिवु दिन भर खाली तुम्हरी राधा अब पूरी घरवाली दुध नवन घिवु दिन भर खाली बिरहा के आँसू कब के हो कब के पोंछ डाली फिर काहे दर्द जगाओ मथुरा नगरपति काहे तुम गोकूल जाओ मथुरा नगरपति काहे तुम गोकूल जाओ मथुरा नगरपति काहे तुम गोकूल जाओ
हाय कितने बरस बीते तुम घर ना आये गीतकार - कवि ऋतुपर्णो घोष संगीतकार - देबज्योति मिश्र, कलाकार - शुभा मुदगल, हरिहरन और मीना मिश्र। रेनकोट फिल्म का गीत। 2004 में रिलीज हुई हिन्दी फिल्म "रेनकोट" के गीत। इस गीत के कथा हमें मिली यहां से . . . https://www.hindigeetmala.net/song/raha_dekhe_sawan_bhago_dariya_pahal.htm यह गीत युटिउब में देखने के लिये . . . https://www.youtube.com/watch?v=jOv40B_I-DA
हाय कितने बरस बीते तुम घर ना आये रे हाय कितने बरस बीते तुम घर ना आये रे राह देखे सावन भादो दरिया पहाड़ी राह देखे सावन भादो दरिया पहाड़ ओ रे तेरे लिये राह देखे सजना सारा संसार रे भितर से फिर बरसे मेरे बालम के लिये भितर से फिर बरसे मेरे बालम के लिये भितर से फिर बरसे मेरे बालम के लिये हाय कितने बरस बीते तुम घर ना आये रे
राह देखे काले मेघा नदिया का पानि राह देखे काले मेघा नदिया का पानि ओ रे तेरे लिये राह देखे बलमा सारी जिन्दगानी रे भितर से फिर बरसे मेरे बालम के लिये भितर से फिर बरसे मेरे बालम के लिये ओ रे ला तु आओ सजना मेरा दिल बुलाए रे ओ रे ला तु आओ सजना मेरा दिल बुलाए रे ओ रे ला तु आओ सजना मेरा दिल बुलाए रे