कवि मनीष मेहता का कविता   
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कवि मनीष मेहता  एक मोडल और एक्टर भी हैं। 2004 में 12वी इंटर कॉलेज गरुड़, बागेश्वर से पास
करने के बाद
Kumaun University Nanital से 2007 में B .Sc किया। साथ में APTECH से तीन साल
की
ACSP course भी किया। तत्पश्चात २००७ में ही नौकरी कि तलाश उन्हें डेल्ही ले आई यहाँ  आके
एक निजी Co में कार्य करने लगेलेकिन ख्वाबों कि दुनिया के इस मुसाफिर कि मंजिल तो कही और थी
और इसके चलते उन्होंने  मोडलिंग और रंगमंच कि दुनिया में कदम रखारंगमंच के साथ साथ reagional
सिनेमा से जुड़े हैलिखने और पड़ने के शोकिन  मनीष, दिल्ली के एक्टिंग कि दुनिया में रंगमंच के जरिये
अपना योगदान दे रहे हैं।
रंगमंच कि शुरवात प्रख्यात अभिनेता
Mr Tom Alter (टॉम अल्टर) के साथ एक नाटक "ग़ालिब" से किया।

जब भी तन्हाई में अकेले होते है तो उन्हे मधुर गीत सुनना अच्छा लगता है। वे अपने भावनाओं को इस
प्रकार वयक्त करना चाहते हैं।--- खुद से उलझता रहता हूँ हर पल... !!! इस भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में
ख्वाबों कि दुनिया का मैं भी एक भटकता हूँआ मुसाफिर, चला जा रहा हूँ। जा कहाँ रहा हूँ शायद अब
तक नहीं पता मुझे, बस चल रहा हूँ इसलिए कि रुकना खुद को कुबूल नहीं। जाने क्या चाहता हूँ खुद से

और क्यूँ भटक रहा हूँ अब तक एक सवाल है मेरे लिए ..जिसका ज़वाब तलाश रहा हूँ मैं। वेसे तो कुछ
भी खाश नहीं है मुझमें, फिर भी ना जाने भीड़ से अलग चलता हूँ मैं...लोगो को और उनके रिश्तो को देख
के अक्सर खामोश हो जाता हूँ मैं। कभी गर मिलूँगा खुदा से तो पूछुंगा ..
"खुदा इस खमोशी को वजहा क्या है ??"
हम
मिलनसागर  में उनका कविता प्रकाशित कर बहुत आनंदित हैं और प्रार्थना करते हैं कि यह भावुक
कवि की मंज़ील की तलाश जल्द ख़त्म हो और सफलता उनके कदम चुमें।
मनीषजी से सम्पर्क -  
manishmehta@live.com  ,  
अगर आपको कहीं ग़लती नज़र आता है तो इस विषय पर आप का टिप्पणी, जो इस वेबसाइट "मिलनसागर" के लिये बहुत
ही मूल्यवान होगा, इस पते पर भेजिये -  
srimilansengupta@yahoo.co.in      
मनीष मेहता
जन्म  03. 04. 1986