
| राष्ट्रीय गीत |
. ****************** . मिलनसागर |
| जन-गण-मन अधिनायक, जय हे भारत-भाग्य-विधाता |
| जन-गण-मन अधिनायक, जय हे भारत-भाग्य-विधाता, पंजाब-सिन्धु गुजरात-मराठा, द्रविड़-उत्कल बंग, विन्ध्य-हिमाचल-यमुना गंगा, उच्छल-जलधि-तरंग, तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मांगे, गाहे तव जय गाथा, जन-गण-मंगल दायक जय हे भारत-भाग्य-विधाता जय हे, जय हे, जय हे जय जय जय जय हे। ************** |
| गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का पूरा गीत जिसका सिर्फ पहला अनुच्छेद (उपर) को ही राष्ट्रीय गीत बनाया गया। |
| कौमी तराना, आज़ाद हिंद फौज गीत- गुरुदेव रबीन्द्रनाथ ठाकुर का बंगला में गीत “जन गण मन” हिंदी में अनुवाद - नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, अबीद हासान और आज़ाद हिंद फौज के उच्च अधिकारीयों, संगीत - कप्तान राम सिंह ठाकुर |