साहिर लुधियानवी का गीत
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संगीतकार
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कलाकार
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फिल्म
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अ आ इ ई उ ए ऐ ओ औ क ख ग च छ ज त द ध न प फ ब भ म य र ल व श स ह
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अपनी दुनिया पे सदियों से छाई हुई
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अपने अंदर ज़रा झांक मेरे वतन
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अब कोई गुलशन न उजड़े
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जयदेव
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महम्मद रफी
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मुझे जीने दो
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अब वो करम करें कि
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एन. दत्ता
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मोहम्मद रफी
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मेरीन ड्राइव
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अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी
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जयदेव
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आशा भोंसले और महम्मद रफी
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हम दोनो
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अल्ला तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम
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जयदेव
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लता मंगेशकर
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हम दोनो
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अश्कों ने जो पाया है वो गीतों में दिया है
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चांदी की दीवार
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आँख खुलते ही तुम, छुप गए हो कहां
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मुनीमजी
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आगे भी जाने न तू
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रवि
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आशा भोंसले
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वक्त
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आज किसी के हाथों ने दिल के तारों
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वसंत प्रकाश, सी. रामचन्द्र
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आशा भोंसले
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सावधान
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आज की रात नहीं शिकवे-शिकायत के लिए
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धर्मपुत्र
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आजा तुझको पुकारे मेरा प्यार
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नील कमल
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आना है तो राह में कुछ देर नहीं है
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नया दौर
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आप आए तो ख़याले दिले नाशाद आया
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गुमराह
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आसमां पे है ख़ुदा और ज़मीं पे हम
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फिर सुबह होगी
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पन्ने के उपर . . .
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इतनी नाजुक न बनो
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चित्रगुप्त
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मोहम्मद रफी
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वासना
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इतनी हसीन इतनी जवां रात क्या करें
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आज और कल
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इंसाफ का तराज़ू
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इंसाफ का तराज़ू
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पन्ने के उपर . . .
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ईश्वर अल्लाह तेरे नाम
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हमदोनो
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पन्ने के उपर . . .
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उड़े जब जब जुल्फें तेरी
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ओ. पी. नैयर
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आशा भोंसले और मोहम्मद रफी
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नया दौर
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उन्हें खोकर दुखे दिल की दुआ से
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उम्र हुई, तुमसे मिले फिर भी जान के
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सी. रामचन्द्र
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लता मंगेशकर और हेमन्त कुमार
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बहूरानी
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उस मुल्क की सरहद को कौई छू नहीं सकता
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रवि
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मोहम्मद रफी
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आंखें
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पन्ने के उपर . . .
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एक महल हो सपनों का
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रवि
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मोहम्मद रफी
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एक महल हो सपनों का
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पन्ने के उपर . . .
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ऐ दिल जुबां न खोल, सिर्फ देख ले
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एन. दत्ता
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आशा भोंसले
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नया घर
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ऐ मेरे जौहरजबीं, तुझे मालूम नहीं
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रवि
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मन्ना दे और साथी
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वक़्त
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ऐ मेरे नन्हें गुलफ़ाम
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पन्ने के उपर . . .
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ओ नीले पर्वतों की धारा
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एन. दत्ता
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आशा भोंसले और महेन्द्र कपूर
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आदमी और इंसान
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पन्ने के उपर . . .
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औरत ने जन्म दिया मरदों को
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एन. दत्ता
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लता मंगेशकर
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साधना
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पन्ने के उपर . . .
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कच्ची है उमरिया, कोरी है, चुनरिया
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चार दिल चार राहें
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कभी-कभी मेरे दिल में खयाल आता है
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खैयाम
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मुकेश और लता मंगेशकर
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कभी कभी
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कभी ख़ुद पे, कभी हालात पे
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फिल्म - हम दोनो
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कल जहां बस्ती थी खुशियां
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रवि
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मोहम्मद रफी
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वक्त
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काबे में रहो या काशी में
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धर्मपुत्र
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काम, क्रोध और लोभ का मारा
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सौतेला भाई
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किसी पत्थर की मूरत से
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हमराज़
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कोई दील की चाहत से मजबूर है
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चार दिल चार राहें
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कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
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रवि
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आशा भोंसले
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वक्त
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क्या मिलिए ऐसे लोगों से
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लक्ष्मीकान्त-प्यारेलाल
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महम्मद रफी
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इज्जत
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पन्ने के उपर . . .
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ख़ूदाए बरतर तेरी ज़मीं पर
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ताजमहल
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पन्ने के उपर . . .
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गुस्से में जो निखरा है
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दिल ही तो है
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ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम
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आंखें
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पन्ने के उपर . . .
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चन्दा रे मेरे भइया से कहना
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खैयाम
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लता मंगेशकर
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चम्बल की कसम
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चली गोरी पी से मिलन को चली
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हेमन्त कुमार
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लता मंगेशकर और साथी
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एक ही रास्ता
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चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाएं
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हमराज़
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चांद तकता है इधर
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दूज का चांद
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चुड़ा ले न तुमको, ये मौसम सुहाना
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दिल ही तो है
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चुप है धरती, चुप है चांद सितारे
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एस.डी. बर्मन
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लता मंगेशकर और हेमन्त कुमार
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हाउस नं. 44
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चेहरे पे खुशी छा जाती है
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रवि
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आशा भोंसले
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आदमी और इंसान
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चोरी चोरी कोई आए
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खैयाम
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लता मंगेशकर
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नूरी
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पन्ने के उपर . . .
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छा गए बादल, नील गगन पर
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चित्रलेखा
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छू लेने दो नाजुक होंठों को
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रवि
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मोहम्मद रफी
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काजल
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पन्ने के उपर . . .
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जब भी जी चाहे नई दुनिया
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लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
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लता मंगेशकर
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दाग
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जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को
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एस.डी. बर्मन
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हेमन्त कुमार
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प्यासा
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जाएं तो जाएं कहां
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आर.डी. बर्मन
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लता मंगेशकर
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टैक्सी ड्राईवर
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जिन्दगी इत्तफाक है
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रवि
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आशा भोंसले
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आदमी और इंसान
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जिंदगी के रंग कई रे
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रवि
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आशा भोंसले
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आदमी और इंसान
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ज़िन्दगी ज़ुल्म सही जब्र सही
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बहू बेटी
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जिंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात
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रोशन
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लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी
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बरसात की रात
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जिसे तू कबूल कर ले
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एस.डी. बर्मन
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लता मंगेशकर
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देवदास
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जीवन के सफर में राही
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एस.डी. बर्मन
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किशोर कुमार और लता मंगेशकर
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मुनीम जी
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जियो तो ऐसे जियो जैसे सब तुम्हारा है
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जुर्मे उल्फत पे हमें लोग सजा देते हैं
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रोशन
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लता मंगेशकर
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ताजमहल
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जो बात तुझमें है तेरी तस्वीर में नहीं
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रोशन
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मोहम्मद रफी
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ताजमहल
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जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा
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रोशन
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मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर
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ताजमहल
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जो हममें हैं वो मतवाली अदाएं
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साधना
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पन्ने के उपर . . .
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तंग आ चुके हैं कशमकशे जिन्दगी
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मेरीन ड्राइव
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तदबीर से बिगड़ी हुई तक़दीर बना ले
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बाजी
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तुम अगर मुझको, न चाहो तो
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दिल ही तो है
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तुम अगर साथ देने का वादा करो
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महेन्द्र कपूर
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हमराज
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तुम अपना रंजो ग़म
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तुम चली जाओगी परछाईयां रह जाएंगी
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तुम जो मिले
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एस.डी. बर्मन
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सुरैया
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लाल कुंवर
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तुम न जाने किस जहां में खो गए
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सचिन देब बर्मन
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लता मंगेशकर
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सजा
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तुमने कितने सपने देखे
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तुम भी चलो हम भी चलें
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सपन चक्रवर्ती
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आशा भोंसले और किशोर कुमार
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जमीर
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तू मेरे साथ रहेगा मुन्ने
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त्रिशूल
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तुम्हारी नजर क्यों खफा हो गई
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रवि
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लता मंगेशकर
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दो कलियां
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तुम्हारी मस्त नज़र
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दिल ही तो है
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तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा
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एन. दत्ता
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महम्मद रफी
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धूल का फूल
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तू हुस्न है मैं इश्क हूं
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रवि
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महेन्द्र कपूर और आशा भोंसले
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हमराज
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तेरी दुनिया में जीने से, तो बेहतर है
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एस.डी. बर्मन
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हेमन्त कुमार
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हाउस नं. 44
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तेरी है जमीं तेरा आसमां
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आर.डी. बर्मन
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आशा भोंसले
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दी बर्निंग ट्रेन
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तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती
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खैयाम
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लता मंगेशकर
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कभी कभी
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तेरे प्यार का आसरा चाहता हूं
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धूल का फूल
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तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूं
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तोरा मन दर्पण कहलाए
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रवि
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आशा भोंसले
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काजल
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पन्ने के उपर . . .
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दिल की उमंगें हैं जवां
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एस.डी. बर्मन
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हेमन्त कुमार और गीता दत्त
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मुनीम जी
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दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए
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खैयाम
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लता मंगेशकर
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उमराव जान
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दिल जो भी कहेगा, मानेंगे
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दिल ही तो है
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दिल ही तो है (भूले से मुहब्बत कर बैठा)
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दिल ही तो है
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दीवारों का जंगल जिसका आबादी है नाम
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दुनिया बनाने वाले, सुन ले मेरी कहानी
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एस.डी. बर्मन
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मन्ना डे
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जिद्दी
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दूर रह कर न करो बात क़रीब आ जाओ
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अमानत
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देखा है ज़िन्दगी को कुछ इतना क़रीब से
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एक महल हो सपनों का
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दो बूंदें सावन की, हाय दो बूंदें सावन की
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दिल ही तो है
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पन्ने के उपर . . .
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धड़कने लगे दिल के तारों की दुनिया
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घरती की सुलगती छाती से
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गुमराह
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धुल गया कजरा सांझ ढले
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चित्रलेखा
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पन्ने के उपर . . .
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नगमा-ओ-शेर की सौगात किसे पेश करूं
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नजर से दिल में समाने वाले
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वसंत प्रकाश, सी. रामचन्द्र
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आशा भोंसले
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सावधान
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न तू ज़मीं के लिए है न आसमां के लिए
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दास्तान
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नहीं किया तो करके देख
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चार दिल चार राहें
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ना तो कारवां की तलाश है
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रोशन
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मन्ना डे, मोहम्मद रफी, आशा भोंसले, सुधा मल्होत्रा, एस.डी. बातिश
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बरसात की रात
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नदी नारे न जाओ श्याम, पैयां परूं
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जयदेव
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आशा भोंसले
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मुझे जीने दो
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नीले गगन के तले घरती का प्यार पले
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रवि
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महेन्द्र कपूर
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हमराज
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पन्ने के उपर . . .
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पथ निहारूं, डगर बुहारूं
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रोशन
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आशा भोंसले
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दूज का चांद
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परवतों के पेड़ों पर, शाम का बसेरा है
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शगुन
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पांव छू लेने दो फूलों को इनायत होगी
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ताजमहल
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पिघली आग से सागर भर ले
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रवि
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आशा भोंसले
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चिंगारी
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पोछ कर अश्क अपनी आंखों से
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नया रास्ता
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प्रभु तेरो नाम
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जयदेव
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लता मंगेशकर
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हम दोनो
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पन्ने के उपर . . .
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फिर न कीजे मेरी गुस्ताख निगाहों का गीला
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खैयाम
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मुकेश और आशा भोंसले
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फिर सुबह होगी
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फुलगेंदवा न मारो
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रोशन
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मन्ना डे
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दूज का चांद
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पन्ने के उपर . . .
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बग़ावत का खुला पैग़ाम देता हुं जवानों को
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धर्मपुत्र
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बच्चे मन के सच्चे
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रवि
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लता मंगेशकर
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दो कलियां
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बच्चों तुम तकदीर हो, कल के हिन्दुस्तान की
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रोशन
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सुधा मल्होत्रा
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दीदी
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बनते थे जो बड़े ही सिकन्दर बने हुए
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फिर सुबह होगी
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बरबाद मुहब्बत की दुआ साथ लिए जा
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लैला मजनूं
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बस्ती बस्ती परबत परबत गाता जाए बंजारा
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मदन मोहन
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महम्मद रफी
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रेलवे प्लेटफार्म
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बाबुल की दुआएं लेती जा
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नीलकमल
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बुझा दिए हैं, ख़ुद अपने हाथों
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बोल न बोल ऐ जाने वाले
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राही
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पन्ने के उपर . . .
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भारत मां की आंख के तारो
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रवि
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आशा भोंसले
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बहू बेटी
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भूल सकता है भला कौन ये प्यारी आंखें
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धर्मपुत्र
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भूले से मुहब्बत कर बैठा (दिल ही तो है)
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दिल ही तो है
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पन्ने के उपर . . .
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मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं
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अमानत
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महफिल से उठ जाने वालो
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दूज का चांद
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मांग के साथ तुम्हारा, मैंने मांग लिया संसार
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ओ.पी. नैयर
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आशा भोंसले और मोहम्मद रफी
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नया दौड़
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मांग में भर ले रंग सखी री
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मुझे जीने दो
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मायूस तो हूं वादे से तेरे
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बरसात की रात
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मालिश तेल मालिश चम्पी तेल मालिश
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सचिन देब बर्मन
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मोहम्मद रफी
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प्यासा
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मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी कभी
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रवि
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लता मंगेशकर
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आंखें
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मिले जितनी शराब मैं तो पीता हूं
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मुकद्दरका लिखा मिटता नहीं
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मुझे गले से लगा लो
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रवि
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आशा भोंसले
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आज और कल
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मुझे मिल गया बहाना
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सचिन देब बर्मन
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लका मंगेशकर
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बरसात की रात
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मुर्गा मुर्गी प्यार से देखे
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दो कलियां
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मेरी नजर है तुझ पे
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आर.डी. बर्मन
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आशा भोंसले
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दी बर्निंग ट्रेन
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मेरे घर आई एक नन्ही परी
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खैयाम
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लता मंगेशकर
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कभी कभी
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मेरे दिल में आज क्या है
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दाग़
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मेरे भैया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन
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रवि
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आशा भोंसले
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काजल
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मेरे साथी, खाली जाम
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दूज का चांद
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मेहरबां कैसे कैसे क़दरदां कैसे कैसे
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मैं कहती हूं, कि किस रोज हुजूर आएंगे
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अनिल विश्वास
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लता मंगेशकर
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चार दिल चार राहें
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मैं जब भी अकेली होती हूं
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धर्मपुत्र
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मैं जागूं सारी रैन
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सी. रामचन्द्र
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लता मंगेशकर
|
बहुरानी
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मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया
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जयदेव
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महम्मद रफी
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हम दोनो
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मैं तेरे दर पे आया हूं
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लैला मजनू
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मैंने चांद और सितारों की तमन्ना की थी
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चंद्रकांता
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मैंने पी शराब तुमने क्या पिया
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मैंने शायद तुम्हे पहले भी कहीं देखा है
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मैं ये कहती हूं कि किस रोज़ हुज़ुर आएंगे
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चार दिल चार राहें
|
मैं हर एक पल का शायर हूं
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खैयाम
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मुकेश
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कभी कभी
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मोको पीहर में मत छेड़ रे बालम
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जयदेव
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आशा भोंसले
|
मुझे जीने दो
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मोहब्बत की नजर जब मेहरबां मालूम होती है
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वसंत प्रकाश, सी. रामचन्द्र
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आशा भोंसले
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सावधान
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मोहब्बत बड़ी काम की चीज़ है
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त्रिशूल
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मौत कभी भी मिल सकती है
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फिर सुबह होगी
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मौत कितनी भी संगदिल हो मगर
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नया रास्ता
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पन्ने के उपर . . .
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यूं ही दिल ने चाहा था, रोना रुलाना
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दिल ही तो है
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ये किसका लहू है कौन मरा
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गुमराह
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ये कूंचे ये नीलाम घर दिलकशी के
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सचिन देब बर्मन
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महम्मद रफी
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प्यासा
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ये कौन आया कि मेरे दिल की दुनिया
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बाज़ी
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ये ज़िन्दगी जो थी अब तक तेरी
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ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए
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काजल
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ये दुनिया दो रंगी है
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ये देश है वीर जवानों का
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ओ.पि. नैयर
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महम्मद रफी
|
नया दौर
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ये बहारों का समां, चांद तारों का समां
|
एन. दत्ता
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हेमन्त कुमार
|
मिलाप
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ये महलों, ये तख्तों, ये ताजों की दुनिया
|
सचिन देब बर्मन
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महम्मद रफी
|
प्यासा
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ये रात, ये चांदनी, फिर कहां
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एस.डी. बर्मन
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हेमन्त कुमार
|
जाल
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ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा
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एस.डी. बर्मन
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किशोर कुमार और आशा भोंसले
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दिल्ली का ठग
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ये वादियां ये फ़िज़ाएं बुला रही है तुम्हें
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गुमराह
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ये हुस्न मेरा ये इश्क तेरा
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पन्ने के उपर . . .
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रंग और नूर की बारात किसे पेश करूं
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राज़ की बात, महफ़िल में कहें, या न कहें
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दिल ही तो है
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रात भर का है मेहमां अंघेरा
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सोने की चिड़िया
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रात भी है कुछ भीगी भीगी
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जयदेव
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लता मंगेशकर
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मुझे जीने दो
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पन्ने के उपर . . .
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लाख ज़माने वाले, जालें दिलों पे ताले
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बाज़ी
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लागा चुनरी में दाग, छुपाऊं कैसे
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राजेश रोशन
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मन्ना दे
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दिल ही तो है
|
लागी मनवा के बीच कटारी
|
रोशन
|
मन्ना डे
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चित्रलेखा
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लो अपना जहां दुनिया वालो
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लोग औरत को फ़क़त जिस्म
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पन्ने के उपर . . .
|
वफ़ा के नाम पे कितने गुनाह होते हैं
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धूल का फूल
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विनती सुनो मोरी अवघपुर के बसैया
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वो सुबह कभी तो आएगी
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खैयाम
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मुकेश और आशा भोंसले
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फिर सुबह होगी
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पन्ने के उपर . . .
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शरमाए काहे, घबराए काहे
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एस.डी. बर्मन
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शमशाद बेगम
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बाजी
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शरमा के यूं न देख अदा के मक़ाम से
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नीलकमल
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शे’र का हुस्न हो नग़मों की जवानी हो
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पन्ने के उपर . . .
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संभल ऐ दिल
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साधना
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संसार की हर शै का इतना ही
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संसार से भागे फिरते हो
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रोशन
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लता मंगेशकर
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चित्रलेखा
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सखी री मेरा मन उलझे, तन डोले
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सच्चे का है बोल बाला
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एन दत्ता
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आशा भोंसले
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सच्चे मोती
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सब की ख़ैर हो बाबा सबका भला
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फिर सुबह होगी
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सब को सन्मति दे भगवान
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सब में शामिल हो मगर
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समझी थी ये घर मेरा है
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रवि
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आशा भोंसले
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काजल
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सर उठाओ ते कोई बात बने
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नया रास्ता
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सलामे हसरत क़ुबूल कर लो
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दीदी
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साथी रे साथी रे साथी रे
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अनिल विश्वास
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मुकेश और साथी
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चार दिल चार राहें
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साथी हाथ बढ़ाना...
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ओ.पी.नैयर
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महम्मद रफी और आशा भोंसले
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नया दौर
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सुनो गजर क्या गाए
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बाज़ी
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सुरमई रात है, सितारे हैं
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पन्ने के उपर . . .
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हम आपकी आँखों में
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सचिन देब बर्मन
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महम्मद रफी और गीता दत्त
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प्यासा
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हम इन्तजार करेंगे तेरा कयामत तक
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रोशन
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लता मंगेशकर
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बहू बेगम
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हम इन्तजार करेंगे तेरा कयामत तक
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रोशन
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आशा भोंसले और मोहम्मद रफी
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बहू बेगम
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हम जब सिमट के आपकी, बांहों मे
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वक्त
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हर चीज़ ज़माने की जहां पर थी वहीं है
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हर तरफ हुस्न है, जवानी है
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त्रिशूल
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हर तरह के जज़्बात का ऐलान है आंखें
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आंखें
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हाय रे मैं तो प्रेम दिवाना
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रोशन
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मन्ना डे
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बेदाग
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हीरोशिमा की झलसी ज़मीं की कसम
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हुस्न हाजिर है मुहब्बत की सजा पाने
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मदन मोहन
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लता मंगेशकर
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लैला मजनूं
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हे रोम रोम में बसने वाले राम
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अगर आपको कोई गलती नजर आता है तो हमें इस पते पर इ-मेल करें . . . srimilansengupta@yahoo.co.in मिलनसागर
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